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हाई लेवल लैंग्वेज क्या है | What is High Level Language in Hindi

हेल्लो पाठकों !

क्या आप जानना चाहते है, हाई लेवल लैंग्वेज क्या है (What is High Level Language in Hindi) और प्रोग्रामिंग में हाई लेवल लैंग्वेज की क्या भूमिका है ।

तो चलिए High Level Language के बारे में विस्तार से जानते है ।

हाई लेवल लैंग्वेज क्या है (What is High Level Language in Hindi) ?

हाई लेवल लैंग्वेज को हिन्दी में उच्च स्तरीय भाषा बला जाता है ।

उच्च स्तरीय भाषा एक प्रोग्रामिंग भाषा है जो एक प्रोग्रामर को ऐसे प्रोग्राम लिखने की सुविधा प्रदान करता है जो एक विशेष प्रकार के कंप्यूटर से स्वतंत्र होते हैं । उच्च स्तरीय भाषाओं को उच्च स्तरीय इसलिए बला जाता है क्योंकि वे मशीन स्तरीय भाषाओं की तुलना में मानव भाषाओं के अधिक निकट होती हैं ।

उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषाओं का मतलब है कि कंप्यूटर निर्देश लिखने की ऐसी भाषाएं जो आसानी से समझ में आती हैं और मानव भाषा के करीब हैं ।

हाई लेवल लैंग्वेज कितने प्रकार है (Types of high level language) ?

कई प्रकार की उच्च स्तरीय भाषाएं मौजूद हैं, इनमे से आम उपयोग में निम्नलिखित हैं :

  • C++
  • Java
  • Python
  • JavaScript
  • C#
  • PHP

हाई लेवल लैंग्वेज के क्या फायदे है (Advantages of high level language) ?

  • उच्च स्तरीय भाषा को पढ़ना, लिखना और बनाए रखना आसान है क्योंकि यह अंग्रेजी जैसे शब्दों में लिखी जाती है ।
  • उच्च स्तरीय भाषाओं को निम्न स्तरीय भाषा, यानी पोर्टेबिलिटी की सीमा को दूर करने के लिए डिजाइन किया गया है ।
  • उच्च स्तरीय भाषा में लिखे गए प्रोग्राम का संषोधन और रखरखाव आसान है निम्न स्तर की भाषा की तुलना में ।
  • उच्च स्तरीय भाषा प्रोग्राम को लिखना और डिबग करना आसान बनाती है और प्रोग्रामर को प्रोग्राम कोड के बारे में सोचने के बजाय लॉजिक के बारे में सोचने का समय देता है ।

हाई लेवल लैंग्वेज कैसे काम करता है (How high level language works) ?

  • सबसे पहले प्रोग्रामर उच्च स्तरीय भाषा में कंप्यूटर के लिए एक निर्देश लिखता है ।
  • इसके बाद एक विशेष उपयोगिता प्रोग्राम कंपाइलर उस उच्च स्तरीय भाषा में लिखे कोड को अनुवाद करता है जिसे ऑब्जेक्ट कोड कहा जाता है ।
  • फिर अंतिम चरण में एक लिंकर ऑब्जेक्ट कोड को निश्पादन योग्य बाइनरी कोड बनाता है जिसे मशीन अच्चे से समझ पाता है ।

हाई लेवल लैंग्वेज और लो लेवल लैंग्वेज में क्या अन्तर है ?

High Level Language Low Level Language
हाई लेवल लैंग्वेज यूजर के अनुकूल भाषा है क्योंकि यह भाषा अंग्रेजी शब्दों में लिखी गई है, जिसे मनुष्य आसानी से समझ सकते है ।लो लेवल लैंग्वेज मशीन के अनुकूल भाषा है, जो 0 या 1 में दर्शाया जात है, जिस भाषा को कंप्यूटर आसानी से समझत पाता है ।
उच्च स्तरीय भाषा को मशीन को में बदलने के लिए कंपाइलर की आवश्यकता होती है ।इसे मशीन कोड में बदलने के लिए असेंबलर की आवश्यकता होती है ।
हाई लेवल लैंग्वेज कोड सभी प्लेटफॉर्म में चला सकता है ।यह सभी मशीनों पर नहीं चल सकता ।

निर्ष्कष – Conclusion

मुझे आशा है इस पोस्ट से आपने हाई लेवल लैंग्वेज क्या है, इसके कितने प्रकार है, क्या फायदे है और कंप्यूटर और हाई लेवल लैंग्वेज कैसे काम करता है, इसके बारे में आपने हिन्दी में अच्छे से जानकारी प्राप्त कर लिया हैं ।

अगर फिर भी High Level Language क बारे में कोई भी सवाल है तो आप हमें कमेंट करके जरूर पुछे ।

FAQ’s

Q1 : हाई लेवल लैंग्वेज को मशीन कोड में किसकी मदद से बदली जाती है ?
Ans : कंपाइलर की मदद से हाई लेवल लैंग्वेज को मशीन कोड में बदला जाता है ।

Q2 : उच्च स्तरीय भाषा के लिए कितने प्रकार के अनुवादक उपलब्ध है ?
Ans : Compiler और Interpreter नाम के दो प्रकार के अनुवादक उपलब्ध है ।

Q3 : सोर्स प्रोग्राम को एक मध्यवर्ती रूप में संकलित किया जाता है उसे क्या कहा जाता है ?
Ans : बाइट कोड कहा जाता है ।

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Satyajit
Satyajithttps://tazahindi.com
इस पोस्ट के लेखक सत्यजीत है, वह इस वेबसाइट का Founder भी हैं । उन्होंने Information Technology में स्नातक और Computer Application में मास्टर डिग्री प्राप्त की हैं ।
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