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स्विचिंग क्या है | What is Switching in Hindi

हेल्लो पाठकों !

क्या आप जानना चाहते है, नेटवर्किंग में स्विचिंग क्या है (What is Switching in Hindi), स्विचिंग कितने प्रकार होते है, नेटवर्किंग में स्विचिंग की क्या आवश्यकता है और नेटवर्क स्विच कैसे काम करता है ।

अगर आप इन सवालों के जवाब खोज रहे हैं तो आपके खोज यहीं खत्म हो जाएगी ।

चलिए विस्तार से स्विचिंग (Switching) के बारे में सीखते है ।

स्विचिंग को समझने के लिए पहले आपको स्विच क्या होता है इसके बारे में ज्ञान होना चाहिए । अगर आप पहले से ही जानते है तो अच्छि बात है, नही ंतो आप इस लेख से अच्छे से जान पायेंगे ।

स्विच क्या है (What is a Switch) ?

स्विच एक अनेक इनपुट और अनेक आउटपुट वाले नेटवर्किंग डिवाइस या उपकरण है जो ओ एस आई मॉडल (OSI Model) के डेटा लिंक लेयर पर काम करता है।

स्विच का उपयोग करके, एक नेटवर्क इंटरलिंक्ड नोडस की एक श्रृंखला को जोड़ सकता है । स्विच दो प्रकार के होते हैं, लेयर-2 और लेयर-3 स्विच ।

स्विचिंग क्या है (What is Switching in Hindi) ?

कई उपकरणों के बीच एक-से-एक संचार करना कंप्यूटर नेटवर्क की एक बड़ी समस्या है । डिवाइस की प्रत्येक जोड़ी या केंदीय डिवाइस के बीच बिंदु से बिंदु संबंध उस समस्या का समाधान हो सकता है । लेकिन यह एक बहुत बड़े नेटवर्क के लिए पूरी तरह से अव्यवहारिक और महंगा है । स्विचिंग इस समस्या का बहतर समाधान है ।

स्विचिंग अपने एक लिंक पर आने वाले पैकेट को प्राप्त करता हैं और उन्हें गंतव्य की ओर ले जाने वाले अन्य लिंक पर अग्रेषित करता है ।

विभिन्न कंप्यूटर नेटवर्क और नेटवर्क सेगमेंट के बीच सुचनाओं के आदान-प्रदान के तंत्र को नेटवर्किंग में स्विचिंग कहा जाता है ।

स्विचिंग कितने प्रकार के होते है (Types of Switching) ?

मोटे तौर पर स्विचिंग के तीन प्रकार होते है, जिनका पूरा विबरण निचे दिए गए है :-

  • Circuit Switching
  • Packet Switching
  • Message Switching

Circuit Switching

सर्किट स्विचिंग वह तकनीक है जो सीधे प्रेषक और रिसीवर को एक अखंड पथ में जोड़ती है । आमतौर पर इस प्रकार के नेटवर्क में लिंक के अनुक्रम से जुड़े स्विच का एक सेट होता है ।

इस प्रकार की स्विचिंग तकनीक के साथ, एक बार एक कनेक्ट स्थापित हो जाने के बाद, कनेक्शन समाप्त होने तक दोनों सिरों के बीच एक समर्पित पथ मौजूद होता है ।

नेटवर्क में सर्किट स्विचिंग लगभग उसी तरह से काम करता है जैसे टेलीफोन सिस्टम काम करता है ।

Packet Switching

पैकेट स्विचिंट सर्किट स्विचिंग की कमी को दूर करता है । यह विशेष रूप से कंप्यूटर यातायात के कुशल संचरण के लिए डिजाइन किया गया है ।

पैकेट स्विचिंग के दो तरीके हैं, डेटाग्राम और वर्चुअल सर्किट । दोनों पैकेट स्विचिंग विधियों में, एक मेसेज को छोटे भागों में विभाजित किया जाता है, जिसे पैकेट कहा जाता है ।

यदि मेसेज की लंबाई बहुत बड़ी है तो होस्ट नेटवर्क के माध्यम से संचारित करने के लिए मेसेज को छोटी इकाइयों में विभाजित करता है । और रिसीवर द्वारा मूल मेसेज को प्राप्त करने के लिए पैकेट को फिर से जोड़ने के आवश्यकता होती है ।

Message Switching

मेसेज स्विचिंग के साथ, दो स्टेशनों के बीच एक समर्पित पथ स्थापित करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

इसे विभाजन की आवश्यकता नहीं है, यह नेटवर्क को पूरे मेसेज भेजता है ।

मेसेज स्विचिंग को स्टोर-एंड-फॉरवर्ड स्विचिंग के रूप में भी जाना जाता हैं, क्योंकि प्रत्येक स्विच पूरे मेसेज को संग्रहीत करता है और फिर गंतव्य के लिए आगे बढ़ता है ।

स्विचिंग की क्या आवश्यकता है (Requirement of Switching)  ?

निम्नलिखित कारणों से स्विचिंग की आवश्यकता होती है :-

  • दो उपकरणों के बीच टैफिक को एक ही नेटवर्क पर आपके अन्य उपकरणों के रास्ते में आने से रोकने के लिए स्विंचिंग का उपयोग करते है ।
  • यह नेटवर्क पर टैफिक को कम करके नेटवर्क के समग्र प्रदर्शन को बढ़ाता है ।
  • यह व्यक्तिगत कंप्यूटर पर कार्यभार को कम करता है क्योंकि यह केवल उस डिवाइस को सूचना भेजता है जिसे संबोधित किया जाता है ।
  • स्विचिंग तकनीकों का उपयोग नेटवर्क की बैंडविडथ के प्रभावी उपयोग के लिए किया जाता है ।
  • टकराव वह प्रभाव है जो तब होता हे जब एक से अधिक उपकरण एक ही फेजिकल मीडिया पर मेसेज प्रसारित करते हैं, और वे एक दूसरे से टकराते हैं । स्विचिंग तकनीक को लागू करने से पैकेट आपस में नहीं टकराते है ।
  • स्विच आपको दर्जनों डिवाइस को कनेक्ट करने की सुविधा प्रदान करती है ।

नेटवर्क स्विच कैसे काम करता है (How a network switch works)  ?

निचे दिए गए तरीके से नेटवर्क स्विच काम करता है :-

  • एक बार जब कोई डिवाइस स्विच से कनेक्ट हो जाता है, तो स्विच उसके मीडिया एक्सेस कंटोल पते को नोट कर लेता है ।
  • स्विच मैक पते का उपयोग यह पहचानने के लिए करता है कि कौन से संलग्न डिवाइस आउटगोइंग पैकेट भेजे जा रहे हैं और आने वाले पैकेट कहां वितरित किए जा रहे हैं ।
  • जब कोई डिवाइस किसी अन्य डिवाइस को एक पैकेट भेजता है, तो वह स्विच में प्रवेश करता है और स्विच उसके हेडर को पढ़ता है यह निर्धारित करने के लिए कि इसके साथ क्या करना है ।
  • यह गंतव्य पते से मिलान करता है और पैकेट को उपयुक्त र्पोट के माध्यम से भेजता है जो गंतव्य उपकरणों की ओर जाता है ।

निर्ष्कष – Conclusion

स्विचिंग एक पोर्ट से आने वाले पैकेट को गंतव्य की ओर ले जाने वाले पोर्ट पर अग्रेषित करने की प्रक्रिया है । कंप्यूटर नेटवर्क में स्विचिंग, स्विच का उपयोग करके प्राप्त की जाती है, जो एक छोटा हार्डवेयर डिवाइस है जिसका उपयोग एक लैन के साथ कई कंप्यूटरों को जोड़ने के लिए किया जाता है ।

मुझे आशा है आपने स्विचिंग क्या है (What is Switching in Hindi), इसके कितने प्रकार है, हर एक प्रकार कहां इस्तेमाल किया जाता है, स्विचिंग का क्या आवश्यकता है और नेटवर्क स्विच कैसे काम करता है, इन सबके बारे में आपने अच्छे से जान लिया हैं ।

अगर फिर भी switching के बारे में आपके मन में कोई भी सवाल है तो आप हमें कमेंट करके जरूर सूचित करें ।

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Satyajit
Satyajithttps://tazahindi.com
इस पोस्ट के लेखक सत्यजीत है, वह इस वेबसाइट का Founder भी हैं । उन्होंने Information Technology में स्नातक और Computer Application में मास्टर डिग्री प्राप्त की हैं ।
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