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एक्सपर्ट सिस्टम क्या है | What is Expert System in Hindi

हेल्लो पाठकों !

क्या आप जानना चाहते है, एक्सपर्ट सिस्टम क्या है (What is Expert System in Hindi), इसके कितने प्रकार है, एक्सपर्ट सिस्टम के प्रमुख घटक किया किया हैं, एक्सपर्ट सिस्टम का उपयोग क्या है, एक्सपर्ट सिस्टम के विषेशताएं क्या है, एक्सपर्ट सिस्टम के क्या फायदे हैं, इसको कहां इस्तेमाल क्या जाता है और एक्सपर्ट सिस्टम कैसे विकसित कर सकते है ।

तो चलिए Expert System के बारे में विस्तार से सीखते है ।

एक्सपर्ट सिस्टम क्या है ( What is Expert System in Hindi) ?

एक्सपर्ट सिस्टम एक कंप्यूटर प्रोग्राम है जिसे जटिल समस्याओं को हल करने और मानव विशेषज्ञ की तरह निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है । यह उपयोगकर्ता के प्रश्रों के अनुसार तर्क और अनुमान नियमों का उपयोग करके अपने ज्ञानकोष से ज्ञान निकालकर ऐसा करता है ।

एक्सपर्ट सिस्टम एक इंटरैक्टिव और विश्वसनीय कंप्यूटर आधारित निर्णय लेने वाली प्रणाली है जो जटिल निर्णय लेने की समस्यओं को हल करने के लिए तथ्यों और अनुमान दोनों का उपयोग करती है । इसे मानव बुद्धि और विशेषज्ञता के उच्चतम स्तर पर माना जाता है । एक एक्सपर्ट सिस्टम का उद्देष्य एक विशिष्ट डोमेन में सबसे जटिल मुद्दों को हल करना है ।

एक्सपर्ट सिस्टम कितने प्रकार है (Types of Expert System) ?

एक्सपर्ट सिस्टम मुख्य रूप में पॉच प्रकार की होती है :-

  • Rule based expert system
  • Frame based expert system
  • Fuzzy expert system
  • Neural expert system
  • Neuro fuzzy expert system

इन सिस्टमों की बुद्धिमान क्षमताओं का उपयोग उद्योगों की एक विस्तृत श्रृंखला में किया जाता है । निचे कुछ विशेषज्ञ सिस्टम उदाहरण दिए गए हैं जो पहले से ही उपयोग में हैं :-

  • MYCIN
  • DENDRAL
  • PXDES
  • SHINE
  • CaDet
  • DXplain
  • R1/XCON
  • MUDMAN
  • PROSPECTOR

एक्सपर्ट सिस्टम के प्रमुख घटक किया किया हैं (Components of an Expert System) ?

  • User Interface
  • Inference Engine
  • Knowledge Base
  • Knowledge Acquisition

एक्सपर्ट सिस्टम का उपयोग क्या है (What are the use of Expert Systems) ?

ऐसे तो हमारे पास हर क्षेत्र में मानव विशेषज्ञ हैं, फिर भी जादातर एक्सपर्ट सिस्टम का उपयोग नीचे दिए गए कार्य के लिए करते है :-

  • मेमोरी की कोई सीमा नहीं हैं -मानव विशेषज्ञों के लिए हर समय सभी चीजों को याद रखने की कुछ सीमाएं है । लेकिन एक्सपर्ट सिस्टम में, आवश्यकतानुसार अधिक से अधिक डेटा संग्रहीत कर सकता है और इसके आवेदन के समय इसे याद कर सकता है ।
  • इसमें उच्च दक्षता है – यदि ज्ञान का आधार सही ज्ञान के साथ अद्यतन किया जाता है, तो यह अत्यधिक कुशल आउटपुट प्रदान करता है, जो मानव के लिए संभव नहीं हो सकता है ।
  • यह डोमेन में विशेषज्ञता है – ऐसे तो प्रत्येक डोमेने में बहुत सारे मानव विशेषज्ञ हैं, और उन सभी के पास अलग अलग कौशल और अलग अलग अनुभव हैं, इसलिए प्रश्र के लिए अंतिम आडटपुट प्राप्त करना आसान नहीं है । लेकिन अगर हम मानव विशेषज्ञों से प्राप्त ज्ञान को विशेषज्ञ सिस्टम में डालते हैं, तो यह सभी तथ्यों और ज्ञान को मिलाकर एक कुषल आउटपुट प्रदान करता है ।
  • यह भावनाओं से प्रभावित नहीं है – ये सिस्टम मानवीय भावनाओं जैसे थकान, क्रोध, अवसाछ, चिंता आदि से प्रभावित नहीं होती हैं, इसलिए प्रदर्शन स्थिर रहता है ।
  • यह सभी तथ्यों पर विचार करता है -यह हो सकता है कि कोई मानव विशेषज्ञ किसी कारणवश कुछ तथ्यों पर विचार करना भुल सकते है । लेकिन एक्सपर्ट सिस्टम में, किसी भी प्रश्र का उत्तर देने के लिए, यह सभी उपलब्ध तथ्यों की जांच और विचार करता है और तदनुसार परिणाम प्रदान करता है ।
  • नियमित अपडेट प्रदर्षन में सुधार करते हैं – यदि विशेषज्ञ सिस्टम द्वारा प्रदान किए गए परिणाम में कोई समस्या है, तो हम ज्ञानकोष को अपडेट करके सिस्टम के प्रदर्शन में सुधार कर सकते हैं ।

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एक्सपर्ट सिस्टम के क्या लाभ है (Benefits of Expert System) ?

एक्सपर्ट सिस्टम के कुछ मुख्य लाभ नीचे दिए गए हैं :-

  • यह निर्णय की गुणवत्ता में सुधार करता है ।
  • यह समस्या समाधान के लिए विशेषज्ञों से परामर्श करने के खर्च में कटौती करता है ।
  • यह विशेषज्ञता के एक संकीर्ण क्षेत्र में समस्याओं का त्वरित और कुशल समाधान प्रदान करता है ।
  • यह दुर्लभ विशेषज्ञता को इकट्टा कर सकता है और इसका कुशलता से उपयोग कर सकता है ।
  • यह दोहराव वाली समस्या के लिए लगातार उत्तर प्रदान करता है ।
  • इसमें जटिल और चुनौतीपूर्ण मुद्दों को हल करने की क्षमता है ।
  • यह आपको तेज और सटीक उत्तर प्राप्त करने में मदद करता है ।

एक्सपर्ट सिस्टम कहां इस्तेमाल क्या जाता है (Applications of Expert System) ?

एक्सपर्ट सिस्टम का कुछ लोकप्रिय अनुप्रयोग व्यवसाय या सरकार के लगभग सभी क्षेत्रों में पाया जा सकता है । इनमें ऐसे क्षेत्र शामिल हैं :-

  • अस्पताल और चिकित्सा सुविधाएं में।
  • जटिल इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रोमैकेनिकल सिस्टम का निदान करने ।
  • जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और आणविक आनुवंशिकी में प्रयोग की योजना बनाने में ।
  • डीजल इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव सिस्टम का निदान करने ।
  • ग्राहक अर्डर, कंप्यूटर संसाधनों और विभिन्न निर्माण कार्यों का निर्धारण करने ।
  • परियोजनओं की मरम्मत और रखरखाव के लिए उपयोगी ।
  • एयरलाइन शेडयूलिंग और कार्गो शेडयूल में ।
  • वित्तीय निर्णय लेने वाला ज्ञान प्रकाशन में ।
  • उपग्रह और रोबोट के माध्यम से अंतरिक्ष संरचना का आकलन करने ।

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एक्सपर्ट सिस्टम कैसे विकसित कर सकते है (How to develop an Expert System) ?

एक एक्सपर्ट सिस्टम को विकसित करने के लिए निम्नलिखित पांच मुख्य चरणों पर प्रकाश डालने कि जरूरत होती है :-

  • Identify the Problem 
  • Gather Expert Knowledge 
  • Knowledge Representation 
  • Develop the Inference Engine 
  • Implement the User Interface
  • Testing and Validation 
  • Deployment and Maintenance 
  • Documentation and Training 

Identify the Problem:

उस समस्या या डोमेन को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें जिसके लिए आप एक्सपर्ट सिस्टम विकसित करना चाहते हैं। विशिष्ट कार्यों या ज्ञान क्षेत्रों को निर्धारित करें जिन्हें सिस्टम को संबोधित करने की आवश्यकता है।

Gather Expert Knowledge:

क्षेत्र के डोमेन एक्सपर्ट से ज्ञान और विशेषज्ञता प्राप्त करें। यह साक्षात्कार, डॉक्यूमेंटेशन, या मौजूदा डेटा सोर्सेज और संसाधनों का विश्लेषण करके किया जा सकता है।

Knowledge Representation:

विशेषज्ञों से प्राप्त ज्ञान को एक स्ट्रक्चर्ड फॉर्मेट में व्यवस्थित करें और प्रस्तुत करें जिसे कंप्यूटर द्वारा आसानी से समझा और संसाधित किया जा सके। कॉमन नॉलेज प्रतिनिधित्व तकनीकों में नियम, फ्रेम, सिमेंटिक नेटवर्क और ऑन्कोलॉजी शामिल हैं।

Develop the Inference Engine:

इनफरेंस इंजन एक एक्सपर्ट सिस्टम का मुख्य घटक है जो ज्ञान को विशिष्ट समस्याओं या प्रश्नों पर लागू करता है। रीजनिंग मैकेनिज्म और एल्गोरिदम को लागू करें जो सिस्टम को निष्कर्ष निकालने, सिफारिशें करने या प्रदान किए गए ज्ञान के आधार पर समस्याओं को हल करने की अनुमति देता है।

Implement the User Interface:

उपयोगकर्ता इंटरफ़ेस डिज़ाइन और विकसित करें जो उपयोगकर्ताओं को एक्सपर्ट सिस्टम के साथ सहभागिता करने की अनुमति देता है। यह आवश्यकताओं और लक्षित दर्शकों के आधार पर एक कमांड-लाइन इंटरफ़ेस, एक ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (GUI) या एक वेब-आधारित इंटरफ़ेस भी हो सकता है।

Testing and Validation:

इसकी सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए एक्सपर्ट सिस्टम का पूरी तरह से परीक्षण करें। यह सत्यापित करने के लिए कि सैंपल इनपुट्स और अपेक्षित आउटपुट का उपयोग करें कि सिस्टम सही परिणाम उत्पन्न करता है या नहीं। उपयोगकर्ता फ़ीडबैक और परीक्षण परिणामों के आधार पर आवश्यकतानुसार सिस्टम को पुनरावृत्त और परिशोधित करें।

Deployment and Maintenance:

एक बार एक्सपर्ट सिस्टम का परीक्षण और सत्यापन हो जाने के बाद, इसे वास्तविक उपयोग के लिए डेप्लॉय करें। इसके प्रदर्शन की निगरानी करें, उपयोगकर्ता प्रतिक्रिया एकत्र करें, और इसकी निरंतर प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए समय के साथ आवश्यक अद्यतन और सुधार करें।

Documentation and Training:

सिस्टम के डिजाइन, कार्यान्वयन विवरण और ज्ञान स्रोतों का डॉक्यूमेंटेशन करें। प्रशिक्षण सामग्री और उपयोगकर्ता मार्गदर्शिकाएँ प्रदान करें ताकि उपयोगकर्ताओं को यह समझने में मदद मिल सके कि एक्सपर्ट सिस्टम के साथ प्रभावी ढंग से कैसे कार्य करें और उसका उपयोग कैसे करें।

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निर्ष्कष – Conclusion

मुझे आशा है आपने एक्सपर्ट सिस्टम क्या है (What is Expert System in Hindi), इसके कितने प्रकार है, एक्सपर्ट सिस्टम के प्रमुख घटक किया किया हैं, एक्सपर्ट सिस्टम का उपयोग क्या है, एक्सपर्ट सिस्टम के विशेषताएं क्या है, एक्सपर्ट सिस्टम के क्या फायदे हैं, इसको कहां इस्तेमाल क्या जाता है और एक्सपर्ट सिस्टम कैसे विकसित कर सकते है, इन सबके में आपने अच्छे से जान लिया हैं ।

एक्सपर्ट सिस्टम के बारे में अगर आपके मन में कोई भी सवाल है तो आप हमें कमेंट करके पुछ सकते है ।

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Satyajit
Satyajithttps://tazahindi.com
इस पोस्ट के लेखक सत्यजीत है, वह इस वेबसाइट का Founder भी हैं । उन्होंने Information Technology में स्नातक और Computer Application में मास्टर डिग्री प्राप्त की हैं ।
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1 COMMENT

  1. Sir jo point aapne sir likhe hai unko furi tarha se samjha dete to jada achha hota. But thanks sharing this helpful post.

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