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डेटा स्टक्चर में Hashing क्या है | What is Hashing in Data Structure in Hindi

हेल्लो पाठकों !

क्या आप जानना चाहते है, डेटा स्टक्चर में Hashing क्या है (What is Hashing in Data Structure in Hindi), हैशिंग कितने प्रकार है, हैशिंग क्यों जरूरत पड़ती है, हैशिंग के क्या फायदे है, हैशिंग के क्या कार्य है, डेटा संरचना में कौनसी हैशिंग तकनीकों का उपयोग की जाता है और हैशिंग कैसे कार्य करता है।

अगर इन सबके बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो आपको इस पोस्ट में स्वागत हैं ।

तो चलिए Hashing के बारे में विस्तार से जानते है ।

डेटा स्टक्चर में Hashing क्या है (What is Hashing in Data Structure in Hindi) ?

हैशिंग एक महत्वपूर्ण डेटा स्टक्चर है जिसे एक सरणी में डेटा को कुशलतापूर्वक खोजने और संग्रहीत करने की समस्या को हल करने के लिए डिजाइन किया गया हे ।

डेटा संरचना में हैशिंग मैपिंग की एक तकनीक है, हैशिंग फंक्शन का उपयोग करके डेटा का एक बड़े हिस्सा को छोटी टेबल में बदला जा सकता है । इसे संदेश डाइजेस्ट फंक्शन के रूप में भी जाना जाता है । यह एक ऐसी तकनीक है जो समान बस्तुओं के संग्रह से विशिष्ट वस्तु की विशिष्ट पहचान करती है ।

यह डेटा को ऐरे फॉर्मेट में स्टोर करने के लिए हैश टेबल का उपयोग करता है । ऐरे में प्रत्येक मान को एक अद्धितीय अनुक्रमणिका संख्या निर्दिष्ट की जाती है । हैश टेबल एक ऐरे प्रारूप में संग्रहीत प्रारूप में संग्रहीत प्रत्येक मान के लिए इन अद्धितीय अनुक्रमणिका संख्याओं को उत्पन्न करने के लिए एक तकनीक का उपयोग करते हैं, इस तकनीक को हैश तकनीक कहा जाता है ।

हैशिंग में कितने प्रकार के तकनीक होते है (Types of Hashing Technique) ?

विभिन्न प्रकार के हैष फंक्शन है जिनका उपयोग डेटा को हैश तालिका में रखने के लिए किया जाता है, जैसे :-

  • Division Method
  • Mid Square Method
  • Folding Method

Division Method

हैश मान उत्पन्न करने का यह सबसे सरल और आसान तरीका है । हैश फंक्शन K के मान को M से विभाजित करता है और फिर प्राप्त शेष का उपयोग करता है ।

Mid Square Method

इस विधि में सबसे पहले key का squared किया जाता है और फिर परिणाम के मध्य भाग को इन्डेक्स के रूप में लिया जाता है ।

Folding Method

इस पद्धति में key को अलग अलग भागों में विभाजित किया जाता है और कुछ सरल ऑपरेशनों का उपयोग करके इन भागों को एक हैश key बनाने के लिए जोड़ा जाता है ।

हैशिंग क्यों जरूरत पड़ती है (Need of Hashing) ?

हमें निचे दिए गए कुछ स्थितियां हें जहां हैशिंग विधि लागू करने की आवश्यकता होती है :-

  • हैशिंग विधि का उपयोग डेटाबेस में वस्तुओं को अनुक्रमित करने और पुनः प्राप्त करने के लिए किया जाता है क्योंकि उस विशिष्ट वस्तु को उसके मूल मूल्य का उपयोग करने के बजाय छोटी हैश की का उपयोग करके जलदी खोजना आसान होता है ।
  • एक विशाल डेटाबेस संरचना के लिए, सभी सूचकांक मूल्यों को उसके सभी स्तरों के माध्यम से खोजना कठिन है और फिर वांछित डेटा प्राप्त करने के लिए आपको गंतव्य डेटा ब्लॉक तक पहुंचने की आवश्यकता है ।
  • यह शब्दकोशों को लागू करने के लिए एक सहायक तकनीक भी है ।
  • इंडेक्स संरचरना का उपयोग किए बिना डिस्क पर डेटा रिकॉर्ड के प्रत्यक्ष स्थान की गणना करने के लिए हैशिंग एक आदर्श तरीका है ।

हैशिंग के क्या फायदे हैं (Benefits of Hashing) ?

  • हैशिंग किसी भी अन्य डेटा संरचना की तुलना में डेटा पुनर्प्राप्त करने का एक अधिक सुरक्षित और समायोज्य तरीका प्रदान करता है । यह Lists और Arrays की तूलना में खोज करने में तेज है ।
  • हैश किए गए पासवर्ड को संशोधित, चोरी या खतरे में नहीं डाला जा सकता है । कोई अच्छी तरह से मान्यता प्राप्त और कुशल key या एन्क्रिप्शन योजना मौजूद नहीं है जिसका दुंरुपयोग किया जा सकता है ।
  • हैशिंग के माध्यम से आसानी से समानता के लिए दो फाइलों की तुलना की जा सकती है । दोनों दस्तावेजों को अलग अलग खोलने की जरूरत नहीं हैं । हैशिंग उनकी तुलना शब्द-से-शब्द करता है और गणना हैश मान तुरंत बताता है कि क्या वे अलग हैं ।

हैशिंग कैसे कार्य करता है (How does Hashing Works) ?

हैशिं में, हैशिंग फंक्शन स्ट्रिंग्स या संख्याओं को एक छोटे पूर्णांक मान पर मैप करता है । हैश तालिकाए हैशिंग फंक्शन का उपयोग करके सूची से आइटम को पुनः प्राप्त करती हैं । हैशिंग तकनीक का उदेश्य डेटा को एक सरणी में समान रूप से वितरित करना है । हैशिंग सभी तत्वों को एक अद्धितीय कुंजी प्रदान करता है । हैश तालिका सूची में डेटा तक पहुॅचने के लिए इस कुंजी का उपयोग करती है ।

हैश टेबल डेटा को की-वैल्यू पेयर में स्टोर करती है । कुंजी हैशिंग फंक्शन के इनपुट के रूप में कार्य करती है । हैशिंग फंक्शन तब संग्रहीत प्रत्येक मान के लिए एक अद्धितीय अनुक्रमणिका संख्य उत्पन्न करता है । अनुक्रमणिका संख्या उस कुंजी से संबंधित मान रखती है । हैश फंक्शन आउटपुट के रूप में एक छोटा पूर्णांक मान देता है । हैशिंग फंक्शन के आउटपुट को हैश मान कहा जाता है ।

Note: आप हमारी वेबासाइट TodaySchemes से केंद्र और राज्य सरकार के सभी सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं ।

निर्ष्कष – Conclusion

मुझे आशा है, इस पोस्ट से आपने, डेटा स्टक्चर में Hashing क्या है, इसके कितने प्रकार है, हैशिंग का हमें क्यों जरूरत पड़ती है, हैशिंग को इस्तेमाल करने का क्या फायदे है, हैशिंग किया कार्य करता है, डेटा संरचना में कौनसी हैशिंग तकनीकों का उपयोग की जाता है और हैशिंग कैसे कार्य करता है, इन सबके बारे में आपने हिन्दी में अच्छे से जानकारी प्राप्त कर लिया हैं ।

अगर फीर भी Hashing के बारे में आपके मन में कोई भी सवाल हैं तो आप हमें कमंट करके पुछ सकते है ।

FAQ’s

Q1 :  

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Satyajit Nath
Satyajit Nathhttps://tazahindi.com
इस पोस्ट के लेखक सत्यजीत है, वह इस वेबसाइट का Founder भी हैं । उन्होंने Information Technology में स्नातक और Computer Application में मास्टर डिग्री प्राप्त की हैं ।

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