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पाइपलाइनिंग में हैजर्ड क्या है | What is Hazards in Pipelining in Hindi

हेल्लो पाठकों !

क्या आप जानना चाहते है, पाइपलाइनिंग में हैजर्ड क्या है (What is Hazards in Pipelining in Hindi), हैजर्ड कितने प्रकार होते है, और हैजर्ड से निपटने की क्या तकनीक है।

तो चलिए Hazards के बारे में विस्तार से जानते है ।

पाइपलाइनिंग में हैजर्ड क्या है (What is Hazards in Pipelining in Hindi) ?

हैजर्ड शब्द का महलब हिन्दी में जोखिम या खतरा है ।

पाइपलाइन डिजाइन में कुछ निर्देश निष्पादन के किसी चरण में होते हैं । निर्देषों के इन सेटों के बीच किसी प्रकार की निर्भरता की संभावनाएं हैं और इस प्रकार पाइपलाइन की गति सीमित हो जाती है । पाइपलाइन में निर्भरता को हैजर्ड कहा जाता है क्योंकि ये निष्पादन के लिए खतरा पैदा करते हैं ।

पाइपलाइनिंग में, हैजर्ड ऐसी स्थितियां हैं जो निर्देश स्ट्रीम में अगले निर्देश को उसके निर्दिष्ट घड़ी चक्र के दौरान निष्पादित होने से रोकती है ।

हैजर्ड कितने प्रकार होते है (Types of Hazards) ?

हैजर्ड की तीन प्रमुख श्रेणियां होते हैं जो पाइपलाइन के सामान्य आपरेशन को प्रभावित कर सकती हैं :-

  • Structural Hazards
  • Data Hazards
  • Control Hazards

Structural Hazards

पाइपलाइन में दिए गए निर्देशों के बीच हार्डवेयर संसाधनों के विरोध के कारण संरचनात्मक खतरे उत्पन्न होते हैं ।

यह संसाधन संघर्ष तब होता है जब पाइप में एक से अधिक निर्देशों को एक ही घड़ी चक्र में एक ही संसाधन तक पहुंच की आवश्यकता होती है । यक एक ऐसी स्थिति है कि पाइपलाइन निष्पादन में सभी संभावित संयोजनों को संभाल नहीं सकता है ।

Data Hazards

डेटा हैजर्ड तब होते हैं जब कोई निर्देश पिछले निर्देश के परिणाम पर इस तरह निर्भर करता है जो पाइपलाइन में निर्देशों के अतिव्यापी होने से उजागर होता है । पाइपलाइनिंग में, डेटा हैजर्ड तब उत्पन्न होते हैं जब पढ़ने/ लिखने का अनुक्रम ऑपरेंड तक पहुंच जाता है, इस प्रकार एक अनपाइपलाइन मषीन में अनुक्रमिक निष्पादन के अनुक्रम को बदल देता है ।

Control Hazards

कोन्टल हैजर्ड को ब्रांचिग हैजर्ड के रूप में भी जाना जाता है और शाखाओं के साथ होता है । षाखा निर्देश कार्यक्रम के प्रवाह/ निर्देशों के निष्पादन को नियंत्रित करत हैं ।

हैजर्ड से निपटने की क्या तकनीक है (Techniques to handle hazards) ?

हैजर्ड से निपटने के लिए दो प्रमुख तकनीकें हैंः-

  • Minimizing data Hazard stalls by forwarding
  • Reducing Pipeline branch penalties

Minimizing data Hazard stalls by forwarding:

डेटा हेजर्ड के कारण उत्पन्न समस्या को एक साधारण हार्डवेयर तकनीक के साथ हल किया जा सकता है जिसे अग्रेषण कहा जाता है । इसे बाईपासिंग और कभी कभी शॉर्ट सर्किटिंग भी कहा जाता है । यह पाइपलाइन में विशेष सर्किटरी जोड़ता है । यह विधि काम करती है क्योंकि इसके परिणाम की गणना करने के लिए पाइपलाइन खंड के लिए आवश्यक मानों को तार के माध्यम से यात्रा करने में कम समय लगता है ।

Reducing Pipeline branch penalties

हार्डवेयर योजना और शाखा व्यवहार के ज्ञान का उपयोग करके सॉफटवेयर द्वारा षाखा दंड को कम किया जा सकता है । षाखा अनुकूलन संकलन समय षाखा भविष्यवाणी प्रौद्योगिकी पर निर्भर करता है ।

निर्ष्कष – Conclusion

मुझे आशा है, इस पोस्ट से आपने पाइपलाइनिंग में Hazards क्या है, इसके कितने प्रकार है, और हैजर्ड से निपटने के लिए किन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है, इन सबके बारे में आपने हिन्दी में अच्छे से जान लिया हैं ।

अगर फीर भी आपके मन में Hazards के बारे में कोई सवाल हैं तो आप हमें कमंट करके पुछ सकते है ।

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Tazahindi Staff
Tazahindi Staffhttps://tazahindi.com
इस पोस्ट के लेखक सत्यजीत है, वह इस वेबसाइट का Founder भी हैं । उन्होंने Information Technology में स्नातक और Computer Application में मास्टर डिग्री प्राप्त की हैं ।

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