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एक्सट्रीम प्रोग्रामिंग क्या है | What is Extreme Programming in Hindi

हेल्लो पाठकों !

क्या आप जानना चाहते है, एक्सट्रीम प्रोग्रामिंग क्या है (What is Extreme Programming in Hindi), इसे एक्सट्रीम क्यों कहा जाता है, एक्सट्रीम प्रोग्रामिंग के क्या लाभ है, एक्सट्रीम प्रोग्रामिंग के मूल सिद्धांत क्या है, एक्सट्रीम प्रोग्रामिंग को कहॉ इस्तेमाल किया जाता है और एक्सट्रीम प्रोग्रामिंग कैसे काम करता है ।

तो चलिए Extreme Programming के बारे में विस्तार से सीखते है ।

एक्सट्रीम प्रोग्रामिंग क्या है (What is Extreme Programming in Hindi)

एक्सट्रीम प्रोग्रामिंग एजाइल मॉडल के सबसे महत्वपूर्ण सॉफटवेयर डेवलपमेंट फ्रेमवर्क में से एक है । इसका उपयोग सॉफटवेयर की गुणवत्ता में सुधार और ग्राहको की आवश्यकताओं के प्रत उत्तरदायी बनाने के लिए किया जाता है । एक्सट्रीम प्रोग्रामिंग मॉडेल कार्यक्रम विकास परियोंजनाओ में अतीत में अच्छी तरह से काम करने वाले सर्वोत्तम अभ्यासों के चरम स्तरों पर ले जाने की सलाह देता है ।

इसे एक्सट्रीम क्यों कहा जाता है (Why is it called Extreme) ?

एक्सट्रीम प्रोग्रामिंग प्रभावी सिद्धांतों और प्रथाओं को चरम स्तर तक ले जाती है । इसको नीचे दिए गए कारणों से इसे एक्सट्रीम बला जाता है :-

  • कोड समीक्षाएं प्रभावी होती है क्योंकि कोड की हर समय समीक्षा की जाती है ।
  • परीक्षण प्रभावी है क्योंकि निरंतर प्रतिगमन और परीक्षण होता है ।
  • डिजाइन प्रभावी है क्योंकि हर किसी को रोजाना रिफैक्टरिंग करने की जरूरत होती है ।
  • इंटीग्रेशन परीक्षण महत्वपूर्ण है क्योंकि दिन में कई बार एकीकृत और परीक्षण किया जाता है ।
  • रिलीज की योजना और पुनरावृति योजना के लिए नियोजन खेल के रूप में लघु पुनरावृत्तियां प्रभावी हैं ।

एक्सट्रीम प्रोग्रामिंग के क्या लाभ है (Advantages of Extreme Programming) ?

एक्सट्रीम प्रोग्रामिंग निम्नलिखित समस्याओं को हल करती है जिनका अक्सर सॉफटवेयर विकास परियोजनाओं में सामना करता पड़ता है :-

  • स्लिप्ड शेडयूल और प्राप्त करने योग्य विकास चक्र समय पर डिलीवरी सुनिष्चित करते हैं ।
  • निरंतर ग्राहक भागीदारी पर ध्यान केंदित करने से ग्राहक के साथ पारदर्शिता सुनिश्चित होती है और किसी भी मुदे का तत्काल समाधान होता है ।
  • व्यावसायिक परिवर्तन – परिवार्तनों को अपरिहार्य माना जाता है और किसी भी समय समायोजित किया जाता है ।
  • व्यवसाय या डोमेन को गलत समझना – ग्राहक को टीम का हिस्सा बनाना निरंतर संचार और स्पष्टीकरण सुनिश्चित करता है ।
  • परिवर्ततों में होने वाली लागत – व्यापक और चल रहे परीक्षण यह सुनिश्चित करते हैं कि परिवर्तन मौजूदा कार्यक्षमता को भंग नहीं करते हैं ।

एक्सट्रीम प्रोग्रामिंग के मूल सिद्धांत क्या है (Basic principles of Extreme Programming) ?

XP मॉडल का उपयोग करके सॉफटवेयर विकास के दौरान अपनाई जाने वाली कुछ बुनियादी गतिविधियॉ नीचे दी गई हैं :-

  • Coding
  • Testing
  • Listening
  • Designing
  • Feedback
  • Simplicity

निर्ष्कष – Conclusion

मुझे आशा है आपने एक्सट्रीम प्रोग्रामिंग क्या है (What is Extreme Programming in Hindi), इसे एक्सट्रीम क्यों कहा जाता है, एक्सट्रीम प्रोग्रामिंग के क्या लाभ है, एक्सट्रीम प्रोग्रामिंग के मूल सिद्धांत क्या है, एक्सट्रीम प्रोग्रामिंग को कहॉ इस्तेमाल किया जाता है और एक्सट्रीम प्रोग्रामिंग कैसे काम करता है, इन सबके बारे में आपने अच्छे से सीख लिया हैं ।

अगर फिर भी आपको Extreme Programming बारे में कोई भी सवाल है तो आप हमें कमेंट करके पुछ सकते है ।

FAQ’s

Q1 : Extreme Programming के मुख्य चार पैरामीटर कौन सी होती हैं ?

Ans: Extreme programming में चार मुख्य पैरामीटर Time, resources, scope एवं quality होती हैं ।

Q2 : Extreme Programming के resources में क्या शामिल होता हैं ?

Ans: इसके resources में manager, developers एव subject matter experts शामिल होते हैं ।

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Tazahindi Staff
Tazahindi Staffhttps://tazahindi.com
इस पोस्ट के लेखक सत्यजीत है, वह इस वेबसाइट का Founder भी हैं । उन्होंने Information Technology में स्नातक और Computer Application में मास्टर डिग्री प्राप्त की हैं ।

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